IIT गुवाहाटी ने विकसित किया तेल और पानी को अलग करने वाला तंतु

IIT गुवाहाटी ने विकसित किया तेल और पानी को अलग करने वाला तंतु

 

IIT गुवाहाटी द्वारा विकसित तेल-पानी अलग करने वाला तंतु एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह तंतु चावल की भूसी से बना है, जो एक कृषि अपशिष्ट है। इस तंतु को सिलिका नैनो कणों से लेपित किया जाता है, जो तेल को आकर्षित करते हैं। इससे पानी से तेल को आसानी से अलग किया जा सकता है।
इस तंतु के कई फायदे हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल है क्योंकि यह एक कृषि अपशिष्ट से बना है। यह सस्ता और टिकाऊ भी है। इसके अलावा, यह तेल रिसाव के कारण होने वाले समुद्री प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकता है।
यह तंतु विभिन्न अनुप्रयोगों में उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि तेल रिसाव की सफाई, तेल शोधन और तेल संग्रहण। यह तंतु जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद कर सकता है।
यहाँ इस तंतु के कुछ संभावित लाभों का उल्लेख है:
  • पर्यावरण के अनुकूल: यह तंतु एक कृषि अपशिष्ट से बना है, इसलिए यह पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं है।
  • सस्ता और टिकाऊ: यह तंतु सस्ता और टिकाऊ है।
  • समुद्री प्रदूषण को कम करने में मदद करता है: यह तंतु तेल रिसाव के कारण होने वाले समुद्री प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकता है।
  • विभिन्न अनुप्रयोगों में उपयोग किया जा सकता है: यह तंतु विभिन्न अनुप्रयोगों में उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि तेल रिसाव की सफाई, तेल शोधन और तेल संग्रहण।
यह एक महत्वपूर्ण विकास है जो समुद्री प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकता है।

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