Cricket World Cup 2023: Sri Lanka Vs South Africa दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका को धो दिया

Cricket World Cup 2023: Sri Lanka Vs South Africa

विश्व कप 2023 का आगाज नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खिले गए महत्वपूर्ण मुकाबले से हुआ, जहां दक्षिण अफ्रीका ने धमाकेदार आगाज किया। इस मैच में उन्होंने श्रीलंका को 102 रनों से हराया और विश्व कप 2023 के इतिहास में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया।
यह मुकाबला बड़ी ही ताकदवर बल्लेबाजों की दिखाई देने वाली एक खिलाड़ियों के आगाज के साथ हुआ और एक ऐतिहासिक पल की तरह मनोरंजन देने के लिए था। इस मैच के आकर्षण एडेन मार्करम का था, जिन्होंने एकमात्र 49 गेंदों पर विश्व कप के इतिहास में सबसे तेज शतक किया। इसके साथ ही, क्विंटन डिकॉक और रासी वान डेर डुसेन ने भी शतकीय पारियां खेली।
दक्षिण अफ्रीका (SA) ने इस मैच में अपने पहले मैच में श्रीलंका (SL) को 102 रनों से हराया, और यह उनके विश्व कप 2023 के सफल आगाज को दर्ज कराया। डिकॉक (84 गेंदों पर 100), डुसेन (110 गेंदों पर 108), और मार्कराम (54 गेंदों पर 106) ने शतक जमाया, और दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में 428 रन बनाए, जो कि विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 2015 में पर्थ में अफगानिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 417 रन बनाए थे।
श्रीलंका की टीम ने इसके जवाब में 44.5 ओवर में 326 रन बनाए, लेकिन इस पर विजय की योजना निष्फल रही। उनकी प्रमुख बल्लेबाजी आदर्श नहीं दिखा और दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के आग्रह के सामने अच्छी आदर्श बल्लेबाजी करने में असफल रहे।
इस मैच के अतिरिक्त कई महत्वपूर्ण दृश्य हमें देखने को मिले, जो यह मैच अत्यंत रोचक बनाते हैं। चलिए, हम इस खिलाड़ियों की शानदार प्रदर्शन का अनुसरण करते हैं और इस महत्वपूर्ण विश्व कप मुकाबले की जानकारी देते हैं:
डक्कन अफ्रीका के बल्लेबाजों ने जोड़ी बनाई दक्षिण अफ्रीका की टीम के बल्लेबाजों ने इस मैच में आलोचनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया। विशेष रूप से तीन महत्वपूर्ण बल्लेबाज ने टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व कप 2023 के शुरूआती मुकाबले को एक धमाकेदार आगाज दिलाया।
  1. एडेन मार्करम: अफ्रीका के बल्लेबाजों में सबसे बड़ा चमकदार तारा एडेन मार्करम थे, जिन्होंने विश्व कप के इतिहास में सबसे तेज शतक जमाया। मार्करम ने केवल 49 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इस मैच को एक बेहद खास बना दिया।
  2. क्विंटन डिकॉक: दक्षिण अफ्रीका के कप्तान क्विंटन डिकॉक ने भी इस मैच में बेहद अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने 84 गेंदों पर शतक पूरा किया और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  3. रासी वान डेर डुसेन: रासी वान डेर डुसेन ने भी इस मैच में शतकीय पारियां खेली। उन्होंने 110 गेंदों पर 108 रन बनाए और टीम के बल्लेबाजों की जोड़ी तेजी से बढ़ाई।
इन तीनों बल्लेबाजों के आपसी साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका को महत्वपूर्ण रनों की आवश्यकता को पूरा किया, और उन्होंने विश्व कप में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की।
दक्षिण अफ्रीका के अन्य बल्लेबाज इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के अन्य बल्लेबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से हेनरिक क्लासेन ने 20 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया, जबकि डेविड मिलर ने 21 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के बनाए। इन बल्लेबाजों ने सदियों के इतिहास में अपनी विश्वकप करियर में पहला शतक जमाया।
श्रीलंका का प्रयास:
श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन यह फैसला उनके लिए सही साबित नहीं हुआ। श्रीलंका के गेंदबाजों के बदलते मौसम और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों के कारण उनका आक्रमण कमजोर पड़ गया। दिलशान मधुशंका ने शुरू में ही तेंबा बावुमा को सिरे से गेंद पर पगड़ी बांधते हुए आउट किया, लेकिन इसके बाद उनके गेंदबाजों ने कुछ भी नहीं किया।
दक्षिण अफ्रीका की पारी में भारी शतक लगाने के बाद, श्रीलंका ने कुछ अच्छे बल्लेबाजों के साथ मिलकर जवाब देने का प्रयास किया। कुसल मेंडिस (42 गेंदों पर 76 रन), चरित असलंका (65 गेंदों पर 79 रन) और कप्तान दासुन शनाका (62 गेंदों पर 68 रन) ने अर्धशतक बनाने में योगदान दिया। इन खिलाड़ियों ने टीम के लिए मजबूत शुरुआत की, लेकिन उनके प्रयास अपर्याप्त रहे।
दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज गेराल्ड कोएट्जी ने तीन विकेट लिए, जबकि कैगिसो रबाडा, मार्को यानसेन, और केशव महाराज ने दो-दो विकेट लिए।
डिकॉक और डुसेन ने टीम के दूसरे विकेट के लिए 204 रन की भारी साझेदारी की, जो टीम के लिए मजबूत नींव रखी। वहीं मार्कराम ने 14 चौकों और 3 छक्कों की मदद से तूफानी पारी खेली। डिकॉक ने अपनी पारी में 11 चौके और 3 छक्के लगाए, जबकि डुसेन की पारी में 13 चौके और 2 छक्के थे। इन तीनों बल्लेबाजों का यह पहला विश्वकप शतक था, और इससे टीम को एक मजबूत प्लेटफार्म मिला।
इसके बाद की खेल कैसे बदली:
श्रीलंका के टीम के लिए, टॉस के बाद कुछ जरूरी बदलाव करने की आवश्यकता थी। गेंदबाजी के प्रति अधिक ध्यान देना चाहिए था, और उन्हें विश्वकप में अच्छी प्रदर्शनी करने की आवश्यकता थी।

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