ऑस्ट्रेलिया और भारत: शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में एक नई यात्रा की शुरुआत

ऑस्ट्रेलिया और भारत: शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में एक नई यात्रा की शुरुआत

ऑस्ट्रेलिया और भारत शिक्षा एवं कौशल परिषद (एआईईएससी) की पहली बैठक, जो कल आयोजित हुई, एआईईएससी की पूर्वी अवतरण के रूप में जानी जाती थी। इस परिषद का उद्देश्य दो देशों के बीच शिक्षा, प्रशिक्षण, और अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी की कार्यनीति का मार्गदर्शन करना था। इस बैठक के माध्यम से एक महत्वपूर्ण मिलनसर कदम उठाया गया है, जिसमें शिक्षा और कौशल को एक ही संस्थान के तहत लाया गया है, और दोनों देशों के बीच शिक्षा, प्रशिक्षण, और अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के शिक्षा मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, ऑस्ट्रेलिया सरकार के शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर एमपी और कौशल व प्रशिक्षण मंत्री श्री ब्रेंडन ओ’कॉनर ने संयुक्त रूप से की है। इसमें दोनों देशों के सरकारी अधिकारी, उच्च शिक्षा संस्थानों, और कौशल क्षेत्रों के प्रमुख भागदारी कर रहे हैं।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से, एआईईएससी का उद्देश्य है दोनों देशों के बीच शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में पारस्परिक हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग, भागीदारी, और तालमेल को बढ़ावा देना। यह कार्यक्रम शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच साझी यात्रा की शुरुआत कर रहा है।
इस अद्भुत मिलनसर कदम के माध्यम से, दोनों देश अपनी शिक्षा और कौशल क्षेत्रों को एक सशक्त अनुसंधान इको-सिस्‍टम के रूप में विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इस बैठक के दौरान, मंत्रीगण प्रमुख संस्थानों का दौरा करेंगे और महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करेंगे। इसमें क्रिएटिव लर्निंग सेंटर, जिसका कार्य उपकरणों के निर्माण, एसटीईएम कला, और खिलौनों पर ध्यान केंद्रित करने वाले विचारों के प्रसार, और आईआईटी गांधीनगर में विज्ञान केंद्रों की स्थापना शामिल है। यह संस्थान छात्रों और शिक्षकों के बीच वैज्ञानिक रुझान और अंतर्निहित रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।

 

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