संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत में भूजल की कमी की स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत में भूजल की कमी की स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत में भूजल की कमी की स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में भूजल की कमी के चरम बिंदु की ओर बढ़ रहा है और 2025 तक इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में भूजल का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेती के लिए किया जाता है। सूखे या पानी की कमी की स्थिति में जमीन के अंदर मौजूद जलभृत पानी की कमी को पूरा करने में अहम योगदान देते हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अब भारत में कई जलभृत भी चरम सीमा को पार कर गए हैं।
दुनिया के आधे से ज्यादा जलभृत तेजी से खाली हो रहे हैं। वहीं प्राकृतिक रूप से उनके फिर से भरने की गति बेहद धीमी है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जैसे ही पानी की कमी होगी उससे खाद्य उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा। इससे दुनियाभर में खाद्य संकट गहरा जाएगा।
भारत में 2025 के बाद भूजल की कमी के कारण निम्नलिखित समस्याएं पैदा हो सकती हैं:
  • खाद्य उत्पादन में कमी: भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा भूजल का इस्तेमाल खेती के लिए किया जाता है। भूजल की कमी के कारण खेती पर बुरा असर पड़ेगा और खाद्य उत्पादन में कमी आएगी। इससे देश में खाद्य संकट पैदा हो सकता है।
  • जीवन स्तर में गिरावट: भूजल की कमी के कारण पीने के पानी की आपूर्ति भी प्रभावित होगी। इससे लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आएगी।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याएं: भूजल की कमी के कारण पीने के पानी में प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। इससे लोगों को विभिन्न बीमारियां हो सकती हैं।
भारत सरकार को भूजल की कमी की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इन कदमों में शामिल हैं:
  • भूजल के इस्तेमाल पर नियंत्रण: सरकार को भूजल के इस्तेमाल पर नियंत्रण लगाना चाहिए। इसके लिए खेती में पानी के इस्तेमाल को कम करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
  • जल संरक्षण: सरकार को जल संरक्षण के उपाय करने चाहिए। इसके लिए लोगों को पानी के महत्व के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
  • जल पुनर्भरण: सरकार को जल पुनर्भरण के उपाय करने चाहिए। इसके लिए नदियों और झीलों की सफाई की जानी चाहिए।
भारत में भूजल की कमी एक गंभीर समस्या है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार और लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

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