विश्व की प्रमुख जलसन्धियाँ एवं उनकी स्थितियाँ

विश्व की प्रमुख जलसन्धियाँ एवं उनकी स्थितियाँ

 

विश्व की प्रमुख जलसन्धियाँ

जलसंधि एक ऐसी जलीय धारा या जलमार्ग है जो दो महासागरों, सागरों, या झीलों को जोड़ती है। जलसन्धियाँ नौवहन और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं, और वे अक्सर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विश्व की कुछ सबसे महत्वपूर्ण जलसन्धियाँ निम्नलिखित हैं:
  • मलक्का जलसंधि: यह जलसंधि दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित है और भारतीय महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक है, और यह कच्चे तेल और अन्य वस्तुओं के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।
  • पाक जलसंधि: यह जलसंधि पाकिस्तान और भारत के बीच स्थित है और अरब सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है। यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और यह भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार और संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है।
  • जिब्राल्टर जलसंधि: यह जलसंधि स्पेन और मोरक्को के बीच स्थित है और अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है। यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और यह यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के बीच व्यापार और संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यूकाटन जलसंधि: यह जलसंधि मैक्सिको और क्यूबा के बीच स्थित है और कैरेबियन सागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है। यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और यह मैक्सिको और क्यूबा के बीच व्यापार और संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है।
  • कुक जलसंधि: यह जलसंधि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्थित है और प्रशांत महासागर को दक्षिणी महासागर से जोड़ती है। यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और यह न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार और संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है।
  • मैगलन जलसंधि: यह जलसंधि दक्षिण अमेरिका के दक्षिण में स्थित है और प्रशांत महासागर को अटलांटिक महासागर से जोड़ती है। यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और यह दक्षिण अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार और संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है।
इनके अलावा, विश्व की अन्य कुछ महत्वपूर्ण जलसन्धियाँ निम्नलिखित हैं:
  • बाल्टिक जलसंधि
  • दार्डानेल्स जलसंधि
  • बोस्फोरस जलसंधि
  • स्वेज नहर
  • जॉर्ज जलसंधि
  • डेनमार्क जलसंधि
  • बेरिंग जलसंधि
जलसन्धियों का महत्व
जलसन्धियाँ नौवहन और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे दो महासागरों या सागरों को जोड़ते हैं, जिससे जहाजों को एक महासागर से दूसरे महासागर में जाने में मदद मिलती है। यह व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह माल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जल्दी और आसानी से ले जाने की अनुमति देता है।
जलसन्धियाँ अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वे अक्सर दो या दो से अधिक देशों के बीच सीमा बनाती हैं। इस वजह से, जलसन्धियों को अक्सर सैन्य और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
जलसन्धियों के प्रकार
जलसन्धियों को उनके आकार, गहराई और चौड़ाई के आधार पर कई प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  • आकार के आधार पर: जलसन्धियाँ संकीर्ण, मध्यम और चौड़ी हो सकती हैं। संकीर्ण जलसन्धियाँ उन जहाजों के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होती हैं जिनकी लंबाई और चौड़ाई अधिक होती है।
  • गहराई के आधार पर: जलसन्धियाँ उथली और गहरी हो सकती हैं। उथली जलसन्धियाँ उन जहाजों के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होती हैं जिनकी गति अधिक होती है।
  • चौड़ाई के आधार पर: जलसन्धियाँ एकल-लेन और बहु-लेन हो सकती हैं। एकल-लेन जलसन्धियाँ जहाजों के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होती हैं जिनकी गति अधिक होती है।
क्र.स.
जलसंधि का नाम
जिन्हें जोड़ती है
स्थिति
1
मलक्का
अंडमान सागर तथा चीन सागर
इंडोनेशिया – मलेशिया
2
पाक जलसंधि
पाक खाड़ी तथा बंगाल की खाड़ी
श्रीलंका-भारत
3
सुंडा जलसंधि
जावा सागर तथा हिन्द महासागर
इंडोनेशिया
4
युकाटन जलसन्धि
मैक्सिको की खाड़ी तथा कैरेबियन सागर
मोक्सिको – क्यूबा
5
मेसिना
भूमध्य सागर
इटली – सिसली
6
ओरब्टो जलसन्धि
एड्रियाटिक सागर एवं आयोनियम सागर
इटली – अलबानिया
7
बाबा – एल – मडेब
लाल सागर तथा अदन की खाड़ी
यमन – जिबूती
8
कुक जल संधि
दक्षिण प्रसान्त महासागर
न्यूजीलैंड ( उत्तरी एवं दक्षिणी द्वीप )
9
मोजाम्बीक चैनल
हिन्द महासागर
मोजाम्बीक – मालागासी
10
नार्थ चैनल
आयरिश सागर एवं अटलांटिक सागर
आयरलैण्ड – इंगलैंड
11
टॉरेस जलसन्धि
अराफुरा सागर एवं पापुआ की खाड़ी
पापुआ न्यूगिनी – ऑस्ट्रेलिया
12
बास जलसन्धि
तस्मान सागर एवं दक्षिण सागर
तस्मान सागर एवं दक्षिण सागर
13
बेरिंग जलसन्धि
बेरिंग सागर एवं चुकसी सागर
अलास्का – रूस
14
बोनी फैसियो
भूमध्य सागर
कोर्सिका – सार्डीनिया
15
बास्पोरस जलसंधि
काला सागर तथा मरमरा सागर
तुर्की
16
डरडेनलेज़ जलसंधि
मरमरा सागर एवं एजियन सागर
तुर्की
17
डेविस जलसंधि
बेफिन की खाड़ी एवं अटलांटिक महासागर
ग्रीनलैंड – कनाडा
18
डेनमार्क जलसंधि
उत्तरी अटलांटिक एवं आर्कटिक महासागर
ग्रीनलैंड – आइसलैंड
19
डोबर जलसंधि
इंग्लिश चैनल एवं उत्तरी सागर
इंगलैंड – फ्रांस
20
फ्लोरिडा जलसंधि
मैक्सिको की खाड़ी एवं अटलांटिक महासागर
संयुक्त राज्य अमेरिका – क्यूबा
21
हारमुज जलसंधि
फ़ारस की खाड़ी एवं ओमान की खाड़ी
ओमान – ईरान
22
हडसन जलसंधि
हडसन की खाड़ी एवं अटलांटिक महासागर
कनाडा
23
जिब्राल्टर जलसंधि
भूमध्य सागर एवं अटलांटिक महासागर
स्पेन – मोरक्को
24
मैगलन जलसंधि
प्रशांत एवं दक्षिण अटलांटिक महासागर
चिली
25
मकास्सार जलसंधि
जावा सागर एवं सेलीबीज सागर
इंडोनेशिया
26
सुंगारू जलसंधि
जापान सागर एवं प्रशांत महासागर
जापान ( होकैडो एवं होन्शू द्वीप )
27
तातार जलसंधि
जापान सागर एवं ओखोटस्क सागर
रूस ( पूर्वी रूस एवं सखालीन द्वीप )
28
फोवेक्स जलसंधि
दक्षिणी प्रशांत महासागर
न्यूजीलैंड ( दक्षिणी द्वीप एवं स्टीवार्ट द्वीप )
29
फार्मोसा जलसंधि
दक्षिणी चीन सागर एवं पूर्वी चीन सागर
चीन – ताइवान
निष्कर्ष
जलसन्धियाँ विश्व के लिए महत्वपूर्ण जलीय मार्ग हैं। वे नौवहन और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं, और वे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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