विनकुलम् सिद्धांत एवं प्रयोग

विनकुलम् सिद्धांत एवं प्रयोग

 

विनकुलम् सिद्धांत एवं प्रयोग

वैदिक गणित एक प्राचीन भारतीय गणित प्रणाली है जिसे वेदों के अध्ययन के साथ जोड़कर विकसित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गणना के कार्यों को सरल और तेज तरीके से सम्पन्न करना है। वैदिक गणित के शिक्षक विनकुलम और निखिलम ने कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांतों को प्रस्तुत किया, जिन्हें आपने सही तरीके से व्यापक रूप से व्यवहार में लागू किया।
  1. विनकुलम् सूत्र (Urdhva-Tiryagbhyam): यह सूत्र दो विकल्पों के बीच गुणन के लिए है, जैसे दो द्वुअंकीय संख्याओं को गुणा करने के लिए। इसका उपयोग संख्याओं के अंकों के बीच विभिन्न आकारों में किया जा सकता है, और इसका लाभ होता है जब आप साधारण गुणन के लिए विन्यास का उपयोग करते हैं।
  2. निखिलम् सूत्र (Ekadhikena Purvena): यह सूत्र द्विगुणन के लिए है जब एक संख्या को दूसरी संख्या से गुणा करना हो, और विन्यास के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है।
  3. ऋणात्मक अंक (Negative Numbers): वैदिक गणित में 6, 7, 8, और 9 को छोटे अंक में परिवर्तित करने का उपयोग ऋणात्मक अंकों के रूप में किया जाता है। इससे आप छोटे अंकों का प्रयोग करके गणना कर सकते हैं, जो विन्यास में सरलता लाता है।
उदाहरण: समय की गणना में ऋणात्मक अंकों का प्रयोग किया जा सकता है।
विनकुलम सूत्र के उपयोग से: समय की एक साधारण उदाहरण दें – यदि हमें 8 घंटे 35 मिनट का समय जोड़ना हो, तो हम पहले 8 घंटों को 8 के साथ गुणा करेंगे (विनकुलम सूत्र) और फिर 35 मिनट को असली मिनट में जोड़ेंगे।
8 * 60 (8 घंटे को मिनटों में बदलने के लिए) + 35 = 480 + 35 = 515 मिनट
इसके बाद, हम फिर से ऋणात्मक अंकों का उपयोग करके समय को प्राप्त करते हैं:
515 मिनट = 8 घंटे – 45 मिनट
इस तरीके से, वैदिक गणित के सिद्धांतों का प्रयोग करके हम संख्याओं के साथ गणना करने के लिए विन्यास का उपयोग कर सकते हैं और गणना को सरल बना सकते हैं।

विनकुलम् :

वैदिक गणित में प्रयुक्त संख्याओं के अंकों को ऋणात्मक रूप में लिखने को विनकुलम् कहते हैं। वैदिक गणित में ऋणात्मक अंक (-3) को, अंक 3 के ऊपर ऋणात्मक चिह्न लगाकर [/bar{3}] द्वारा व्यक्त किया जाता है जो (-3) का विनकुलम् अंक या विनकुलम् कहलाता है।

विनकुलम् सिद्धांत

वैदिक गणित में 5 से बड़े अंकों को ऋणात्मक अंकों में परिवर्तित करने के लिए निम्नलिखित सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है:
  • 5 से बड़े अंक को ऋणात्मक अंक में परिवर्तित करने के लिए, उस अंक के ऊपर ऋणात्मक चिह्न लगा दिया जाता है।
  • यदि किसी संख्या में एक से अधिक 5 से बड़े अंक हों, तो उन सभी अंकों को उनके विनकुलम् अंकों से बदल दिया जाता है।

विनकुलम् सिद्धांत के प्रयोग

विनकुलम् सिद्धांत का प्रयोग निम्नलिखित उदाहरणों के माध्यम से समझा जा सकता है:
उदाहरण 1:
यदि किसी संख्या में केवल एक 5 से बड़ा अंक है, तो उस अंक को उसके विनकुलम् अंक से बदल दिया जाता है।
उदाहरण के लिए, संख्या 785 को विनकुलम् सिद्धांत का प्रयोग करके निम्न प्रकार से परिवर्तित किया जा सकता है:
785 → [/bar{7}]85 → 285
उदाहरण 2:
यदि किसी संख्या में एक से अधिक 5 से बड़े अंक हों, तो उन सभी अंकों को उनके विनकुलम् अंकों से बदल दिया जाता है।
उदाहरण के लिए, संख्या 9875 को विनकुलम् सिद्धांत का प्रयोग करके निम्न प्रकार से परिवर्तित किया जा सकता है:
9875 → [/bar{9}]875 → 4875

 

किसी अंक का विनकुलम् ज्ञात करना :

किसी अंक का विनकुलम् (complement) ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण किया जा सकता है:
  1. पहले, विचलन के लिए 9 से उस अंक को कम करें जिसका विनकुलम् ज्ञात करना है।
  2. अब विचलन के परिणाम को विनकुलम् के रूप में प्रस्तुत करें।
उदाहरण के लिए, आपको अंक 7 का विनकुलम् ज्ञात करना हो:
  1. 9 से 7 कम करें: 9 – 7 = 2
  2. विनकुलम् के रूप में प्रस्तुत करें: overline{2}
इसी तरीके से, अंक 6 का विनकुलम् = 9 – 6 = 3, जो विनकुलम् के रूप में overline{3} होता है।
अंक 8 का विनकुलम् = 9 – 8 = 1, जो विनकुलम् के रूप में overline{1} होता है।
अंक 9 का विनकुलम् = 9 – 9 = 0, जो विनकुलम् के रूप में overline{0} होता है।

निखिलम् सूत्र :

निखिलम् सूत्र (Nikhilam Sutra) वैदिक गणित का महत्वपूर्ण सूत्र है जिसका उपयोग विनकुलम् (complement) संख्याओं को ज्ञात करने के लिए किया जाता है। इस सूत्र का उपयोग करके हम संख्याओं के विनकुलम् को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
निखिलम् सूत्र का रूप:
“एकधिकेन पूर्वेण” (Ekadhikena Purvena)
निखिलम् सूत्र के आधार पर, हम एक से अधिक अंकों के विनकुलम् को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण करते हैं:
  1. प्रत्येक अंक को 9 से घटाएं (एक कम करें)।
  2. अंतिम दाईं ओर के अंक को 10 से घटाएं (एक कम करें)।
  3. उसके बाद, संख्या के प्रत्येक अंक को उसके विनकुलम् से बदलें।
  4. अंकों को जोड़ें और उन्हें साथ में लिखें।
उदाहरण: संख्या 786 का विनकुलम् ज्ञात करने के लिए निखिलम् सूत्र का उपयोग करें:
  1. प्रत्येक अंक को 9 से घटाएं:
    • 7 को 9 से घटाएं: 9 – 7 = 2
    • 8 को 9 से घटाएं: 9 – 8 = 1
    • 6 को 9 से घटाएं: 9 – 6 = 3
  2. अंतिम दाईं ओर के अंक को 10 से घटाएं:
    • 6 को 10 से घटाएं: 10 – 6 = 4
  3. अंकों को उनके विनकुलम् से बदलें:
    • 7 का विनकुलम् = 2
    • 8 का विनकुलम् = 1
    • 6 का विनकुलम् = 3
  4. अंकों को जोड़ें और उन्हें साथ में लिखें:
    • 2 + 1 + 3 + 4 = 10
इसलिए, संख्या 786 का विनकुलम् 10 है, और हम इसे “overline{10}” के रूप में लिख सकते हैं।

Leave a Comment