भारत की जनजातियाँ (Tribes Of India)

भारत की जनजातियाँ

भारत में जनजातियों की एक विविधता है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाती हैं। इन जनजातियों की अपनी अलग-अलग संस्कृति, भाषा, और परंपराएं हैं। इसलिए संविधान के अनुच्छेद – 366 (25) के तहत इसके सन्दर्भ में उन समुदायों की ओर इशारा किया गया है जिन्हें अनुच्छेद – 342 के अनुसार अनुसूचित किया गया है।
जनजातियों की विशेषताएं
जनजातियों की कुछ विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
  • आदिम लक्षण: जनजातियों को अक्सर आदिम लोगों के रूप में देखा जाता है। इनमें से कई जनजातियों में अभी भी पारंपरिक जीवनशैली और प्रथाओं को बनाए रखा जाता है।
  • भौगोलिक अलगाव: जनजातियां अक्सर भौगोलिक रूप से अलग-थलग क्षेत्रों में रहती हैं। यह उनके बाहरी दुनिया से अलगाव का कारण बनता है।
  • विशिष्ट संस्कृति: जनजातियों की अपनी विशिष्ट संस्कृति होती है, जिसमें उनकी भाषा, धर्म, कला, और संगीत शामिल हैं।
  • आर्थिक रूप से पिछड़ापन: जनजातियां अक्सर आर्थिक रूप से पिछड़ी होती हैं। इनमें से कई जनजातियों को गरीबी, भुखमरी, और बीमारी का सामना करना पड़ता है।
  • बाहरी समुदाय के साथ संपर्क करने में संकोच: जनजातियां अक्सर बाहरी समुदायों के साथ संपर्क करने में संकोच करती हैं। यह उनके लिए अपने पारंपरिक जीवन और संस्कृति को बनाए रखना आसान बनाता है।
अनुसूचित जनजातियाँ
भारतीय संविधान में अनुसूचित जनजातियों को विशेष संरक्षण प्रदान किया गया है। इन जनजातियों को अनुसूचित सूची में शामिल किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित की जाती है। अनुसूचित जनजातियों को निम्नलिखित विशेषाधिकार प्राप्त हैं:
  • स्थानीय स्व-शासन में भागीदारी: अनुसूचित जनजातियों को स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं में भाग लेने का अधिकार है।
  • शिक्षा में आरक्षण: अनुसूचित जनजातियों को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में आरक्षण प्राप्त है।
  • रोजगार में आरक्षण: अनुसूचित जनजातियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्राप्त है।
  • विकास कार्यक्रमों में प्राथमिकता: अनुसूचित जनजातियों को विकास कार्यक्रमों में प्राथमिकता दी जाती है।
भारत की प्रमुख जनजातियाँ
भारत में लगभग 705 अनुसूचित जनजातियाँ हैं। इनमें से कुछ प्रमुख जनजातियाँ निम्नलिखित हैं:
  • भील: भील भारत की सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान, और गुजरात में पाई जाती हैं।
  • गोंड: गोंड भारत की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, और महाराष्ट्र में पाई जाती हैं।
  • संथाल: संथाल भारत की तीसरी सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल, और बिहार में पाई जाती हैं।
  • मुंडा: मुंडा भारत की चौथी सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, और ओडिशा में पाई जाती हैं।
  • खासी: खासी भारत की पांचवीं सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से मेघालय में पाई जाती हैं।
  • नागा: नागा भारत की छठी सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से नागालैंड में पाई जाती हैं।
  • मेडाक: मेडाक भारत की सातवीं सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में पाई जाती हैं।
  • कोरकू: कोरकू भारत की आठवीं सबसे बड़ी जनजाति है। ये जनजातियाँ मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, और महाराष्ट्र में पाई जाती हैं।

 

जनजाति
राज्य
भील
मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, महाराष्ट्र
गोंड
गुजरात, बिहार, मध्यप्रदेश, आँध्रप्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, ओडिसा, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, प. बंगाल
संथाल
बिहार, त्रिपुरा, ओडिसा, झारखण्ड, प. बंगाल
मीणा
राजस्थान, मध्यप्रदेश
खोद
बिहार, झारखण्ड, प. बंगाल, ओडिसा
मुंडा
बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश,ओडिसा, त्रिपुरा,प.बंगाल
नैकड़ा
राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, दमन-दीव, दादर-नागर हवेली
उरांव
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र
सुगेलिस
आंध्रप्रदेश
नागा
नागालैंड
बोरो
असम
कोली महादेव
महाराष्ट्र
खासी
असम, मेघालय, मिजोरम
कोल
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिसा
वरली
गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दमन-दीव, दादर-नागर हवेली
कोकण
राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, दादर-नागर हवेली
कंवर
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिसा
हो
बिहार, झारखण्ड, ओडिसा, प. बंगाल
गुज्जर
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर
कोरकू
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़
भूमिज
झारखण्ड, ओडिसा, प. बंगाल
गारो
नागालैंड, मिजोरम, मेघालय, असम, त्रिपुरा, प. बंगाल
कोया
ओडिसा, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक
लुशाई/एनिमिजो
असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम
हल्बा
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़
धरुआ
गुजरात, महाराष्ट्र, कर्णाटक, गोवा, दमन-दीव, दादर नगर हवेली
दुबला
गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, दमन-दीव, दादर नगर हवेली
मिरी/मिसिंग
असम, अरुणाचल प्रदेश
त्रिपुरी
त्रिपुरा
राठवा
गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक
सहरिया
मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़

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