प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रति लोगों की बढ़ी रुचि, आए 1.4 लाख से ज्‍यादा आवेदन

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रति लोगों की बढ़ी रुचि, आए 1.4 लाख से ज्‍यादा आवेदन

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, उपकरण और ऋण प्रदान करने के लिए एक सरकारी योजना है, ने 10 दिनों के भीतर 1.4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त किए हैं। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का परिणाम है, जो पारंपरिक शिल्प और कला को बढ़ावा देने और कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और उनके उत्पादों को घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है। 18 प्रकार के कारीगरों और शिल्पकारों को योजना के तहत लाभ मिलेगा। लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये का दैनिक वजीफा मिलेगा। इसके अलावा टूल किट खरीदने के लिए 15,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। लाभार्थी तीन लाख तक के गारंटी मुक्त कर्ज के लिए भी पात्र होंगे।
योजना की लोकप्रियता कई कारकों के कारण है। सबसे पहले, यह एक महत्वाकांक्षी योजना है जो पारंपरिक शिल्प और कला को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस योजना प्रदान करती है। दूसरा, यह एक व्यावहारिक योजना है जो कारीगरों को कौशल, उपकरण और ऋण प्रदान करके उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करती है। तीसरा, योजना की व्यापक पहुंच है, जो 18 प्रकार के कारीगरों और शिल्पकारों को लाभान्वित करती है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एक महत्वपूर्ण पहल है जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने और भारत के शिल्प और कला को बढ़ावा देने में मदद करेगी। योजना की सफलता से भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और देश की संस्कृति को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
योजना के संभावित लाभ:
  • पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि
  • कारीगरों के उत्पादों को घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंच
  • कारीगरों के लिए रोजगार और आय के अवसरों में वृद्धि
  • भारत की संस्कृति और विरासत के संरक्षण में मदद
योजना के संभावित चुनौतियां:
  • योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में कठिनाई
  • कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान करने में चुनौतियां
  • कारीगरों के लिए ऋण प्राप्त करने में कठिनाई

Leave a Comment