प्रधानमंत्री ने गोवा में 37वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री ने गोवा में 37वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज गोवा के पणजी में 37वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन किया। खेलों का आयोजन 26 अक्टूबर से 9 नवंबर तक होगा और इसमें देश भर से 10,000 से अधिक एथलीट भाग लेंगे। ये खिलाड़ी 28 स्थानों पर 43 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खेलों के महाकुंभ की यात्रा गोवा पहुंच गई है और वातावरण रंगों, लहरों, उत्साह और रोमांच से भर गया है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि गोवा की आभा जैसा कुछ और नहीं। उन्होंने गोवा के लोगों को 37वें राष्ट्रीय खेलों के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने देश के खेलों में गोवा के योगदान का जिक्र किया और फुटबॉल के प्रति गोवा के विशेष लगाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वास्तव में खेलों से लगाव रखने वाले गोवा में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अपने आप में जोश पैदा कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय खेल ऐसे समय पर हो रहे हैं जब देश खेल की दुनिया में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। उन्होंने एशियाई खेलों में 70 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने की सफलता का जिक्र किया। पीएम ने इस समय चल रहे एशियन पैरा गेम्स की भी चर्चा की जहां पदक तालिका में 70 से ज्यादा पदकों के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विश्व विश्वविद्यालय खेलों की भी चर्चा की, जिसमें भारत ने इतिहास रचा है। श्री मोदी ने कहा, “खेल की दुनिया में भारत की हाल की सफलता हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।” राष्ट्रीय खेलों को हर युवा एथलीट के लिए एक मजबूत लॉन्चपैड बताते हुए प्रधानमंत्री ने उनके सामने मौजूद विभिन्न अवसरों की बात की और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और देश ने अभाव के बावजूद चैंपियन तैयार किए हैं फिर भी पदक तालिका में खराब प्रदर्शन देशवासियों को व्यथित करता था। इस दिशा में प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद खेल संबंधित बुनियादी ढांचे, चयन प्रक्रिया, खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाएं, प्रशिक्षण योजनाओं के साथ-साथ समाज की मानसिकता में हुए बदलाव की चर्चा की, जिससे एक-एक कर खेल पारिस्थितिकी तंत्र में आने वाली अड़चनों को दूर किया जा सका। सरकार ने प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें ओलंपिक पोडियम तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस साल का खेल बजट नौ साल पहले के खेल बजट से तीन गुना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया और टॉप्स जैसी पहलों वाले नए पारिस्थितिकी तंत्र में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से प्रतिभाशाली एथलीटों को ढूंढा जा रहा है। उन्होंने कहा कि टॉप्स में शीर्ष एथलीटों को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण मिलता है और खेलो इंडिया में 3000 एथलीट प्रशिक्षण ले रहे हैं। खिलाड़ियों को 6 लाख रुपये हर साल छात्रवृत्ति मिल रही है। खेलो इंडिया के तहत ढूंढे गए करीब 125 खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में हिस्सा लिया और 36 मेडल जीते। उन्होंने आगे कहा, “खेलो इंडिया के जरिए प्रतिभाओं की खोज करना, उनका पोषण और उन्हें टॉप्स द्वारा ओलंपिक पोडियम तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण देना हमारे रोडमैप में शामिल है।”
प्रधानमंत्री मोदी के इस कथन का अर्थ है कि किसी भी देश की खेल क्षेत्र में प्रगति उसकी अर्थव्यवस्था की प्रगति से सीधे प्रभावित होती है। जब देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो सरकार खेलों पर अधिक धन खर्च कर सकती है, जो बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षण और समर्थन की ओर जाता है। इससे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होते हैं और देश के लिए अधिक पदक जीतते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, भारत में नकारात्मक माहौल खेल के मैदान के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी दिखाई देता है। इससे खेलों में भारत की सफलता पर असर पड़ सकता है। जब देश में एक सकारात्मक माहौल होता है, तो खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अधिक प्रेरणा और समर्थन मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की खेलों में हालिया सफलता इसकी समग्र सफलता की कहानी कहती है। यह एक सकारात्मक संकेत है कि भारत खेलों में अपनी प्रतिभा को विकसित कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो रहा है।
यहां प्रधानमंत्री मोदी के कथन के कुछ संभावित निहितार्थ दिए गए हैं:
  • सरकार को खेलों पर अधिक धन खर्च करना चाहिए।
  • सरकार को खेलों में बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास करना चाहिए।
  • सरकार को खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता और समर्थन प्रदान करना चाहिए।
  • सरकार को खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने के लिए काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के कथन को तटस्थ दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि खेलों में सफलता कई कारकों से प्रभावित होती है, जिनमें से केवल एक अर्थव्यवस्था है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के कथन में कुछ महत्वपूर्ण सत्य हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था और सकारात्मक माहौल खेलों में सफलता के लिए आवश्यक हैं।

Copyright: PIB

Leave a Comment