कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा (Tropic of Cancer, Tropic of Capricorn, and the Equator)

कर्क रेखा और मकर रेखा पृथ्वी की सतह पर खींची गई दो काल्पनिक रेखाएं हैं, जो पृथ्वी के अक्ष के झुकाव के कारण बनती हैं। इन रेखाओं को अक्षांश रेखाएं भी कहा जाता है।

इस आर्टिकल में आप पढेंगे ग्लोब पर कर्क रेखा, मकर रेखा, एवं भूमध्य रेखा की स्थिति l कर्क रेखा, मकर रेखा, और भूमध्य रेखा कितने महाद्वीपों एवं देशों से होकर गुजरतीं है l भूमध्य रेखा कर्क रेखा तथा मकर रेखा तीनों किस महाद्वीप से होकर गुजरती है?

आपने भूगोलिक स्थिति को जानने के लिए ग्लोब पर कुछ खड़ी एवं पड़ी काल्पनिक रेखाओं के बारे में विस्तार से वर्णन किया है, जो अक्षांश और देशांतर रेखाओं के रूप में जाने जाते हैं। यह रेखाएं भूगोलीय नैविगेशन में महत्वपूर्ण होती हैं और पृथ्वी के सभी भौगोलिक स्थानों की स्थिति को निर्धारित करने में मदद करती हैं।

  • अक्षांश (Latitude) रेखाएं: ये रेखाएं पूर्व से पश्चिम की ओर खींची जाती हैं और पृथ्वी की उत्तर और दक्षिणी गोलार्ध को 181 अक्षांशों में विभाजित करती हैं। ये अक्षांश रेखाएं पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों की स्थिति को निर्धारित करने में मदद करती हैं।
  • देशांतर (Longitude) रेखाएं: ये रेखाएं उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाती हैं और पृथ्वी की पूरब और पश्चिमी गोलार्ध को 360 देशांतर रेखाओं में विभाजित करती हैं। ये देशांतर रेखाएं पृथ्वी के पूरबी और पश्चिमी स्थानों की स्थिति को निर्धारित करने में मदद करती हैं।
  • जोन (Zone): ये दो अक्षांशों या देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी को जोन कहलाता है। ध्रुवों की ओर जाने पर इनकी दूरी घटती है।
  • गोरे (Meridian): दो अक्षांश रेखाओं और दो देशांतर रेखाओं के बीच के क्षेत्र को गोरे कहा जाता है।
  • ग्रिड (Grid): यह अक्षांश और देशांतर रेखाओं का क्रॉस किया जाने वाला क्षेत्र होता है, जिससे भूगोलिक स्थानों की स्थिति को निर्धारित किया जाता है।
  • प्रमुख रेखाएं (Prime Meridians): पृथ्वी पर पांच प्रमुख देशांतर रेखाएं होती हैं – कर्क रेखा, भूमध्य रेखा, मकर रेखा, आर्कटिक रेखा, और अंटार्कटिक रेखा। इनमें से कर्क रेखा और मकर रेखा विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती हैं, और ये दुनिया को पूरबी और पश्चिमी दिशा में विभाजित करती हैं।
यह रेखाएं भूगोलिक स्थानों की निर्धारण में महत्वपूर्ण होती हैं, और विश्व भर के नैविगेशन और भूगोल अध्ययन में उपयोगी होती हैं।
कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा क्या है?

भूमध्य रेखा किसे कहते है? What is an Equator?

भूमध्य रेखा (Equator) विश्व की एक महत्वपूर्ण भूगोलिक रेखा है जो पृथ्वी की उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध को दो बराबर भागों में विभाजित करती है। इसे “विषुवत रेखा” या “शून्य डिग्री अक्षांश” भी कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे “Equator” कहते हैं।
भूमध्य रेखा पृथ्वी के गर्मी और जलवायु को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह रेखा पृथ्वी के दोनों गोलार्धों पर समान सूर्य की किरणों की प्राप्ति को मानवीय जीवन के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।
भूमध्य रेखा पर तापमान उच्च बना रहता है, क्योंकि यहां सूर्य की किरणें वर्षभर लम्बवत पड़ती हैं। यह आवश्यकता से अधिक ऊर्जा और तापमान प्रदान करता है, जिससे यहां दिन के समय अत्यधिक गर्मी होती है और उच्च सूर्यातप की प्राप्ति होती है।
भूमध्य रेखा पर दिन-रात की अवधि समान होती है, यानी 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात होती है। यहां पर सूर्य की किरणें सबसे ऊँची प्राप्ति करती हैं, जिससे दिन का तापमान आमतौर पर उच्च रहता है।
भूमध्य रेखा का पूर्वी और पश्चिमी भूगोलिक स्थिति को विभाजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और यह भूगोल अध्ययन और नैविगेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपकरण है। इसका महत्व समझने के लिए हमें यह जानना जरूरी है कि पृथ्वी के सभी भूगोलिक स्थानों की स्थिति को कैसे निर्धारित किया जाता है।
कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा क्या है?

कर्क रेखा किसे कहते है? What is a Tropic of Cancer?

कर्क रेखा (Tropic of Cancer) एक भूगोलिक रेखा है जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। यह रेखा पृथ्वी की उत्तरी गोलार्ध के 23.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। कर्क रेखा को हिंदी में “कर्क वृत्त” भी कहा जाता है।
कर्क रेखा का नाम “कर्क” राशि से आता है, क्योंकि इसका संघटन सूर्य के माध्यम से जून महीने के किसी विशेष दिन के साथ होता है, जिसे हम “जून सोल्स्टिस” कहते हैं। इस दिन सूर्य कर्क रेखा पर सीधे ऊपर की ओर चमकता है और इसके बाद वह वापस दक्षिणी दिशा में आवाजित होता है। यह इस रेखा को अपने नाम से जोड़ता है।
कर्क रेखा पृथ्वी पर एक महत्वपूर्ण भूगोलिक रेखा है, और इसका महत्व उसके भूगोलिक प्रभाव में है। यह रेखा विशेष रूप से गर्मियों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके उत्तरी भाग में सूर्य की किरणें सबसे ऊँची प्राप्ति करती हैं, और यहां गर्मी अत्यधिक होती है। इस रेखा के पास ही “नो शैडो जोन” भी होता है, जिसमें सूर्य की किरणें सीधे नीचे नहीं आती हैं और परछाई नहीं बनती है।
कर्क रेखा की अधिक जानकारी भूगोल और जलवायु विज्ञान में महत्वपूर्ण है, और यह सूर्य की मौसम और जलवायु पर प्रभाव डालती है। इसके बिना हम मौसम और जलवायु के परिवर्तनों को समझने में समस्याओं का सामना करते।
कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा क्या है?

मकर रेखा किसे कहते है? What is a Tropic of Capricorn?

मकर रेखा (Tropic of Capricorn) एक भूगोलिक रेखा है जो पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है। यह रेखा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध के 23.5 डिग्री दक्षिणी अक्षांश पर स्थित है। मकर रेखा को हिंदी में “मकर वृत्त” भी कहा जाता है।
मकर रेखा का नाम “मकर” राशि से आता है, क्योंकि इसका संघटन सूर्य के माध्यम से दिसंबर महीने के किसी विशेष दिन के साथ होता है, जिसे हम “दिसंबर सोल्स्टिस” कहते हैं। इस दिन सूर्य मकर रेखा पर सीधे नीचे की ओर चमकता है और इसके बाद वह वापस उत्तरी दिशा में आवाजित होता है। यह इस रेखा को अपने नाम से जोड़ता है।
मकर रेखा पृथ्वी पर एक महत्वपूर्ण भूगोलिक रेखा है, और इसका महत्व उसके भूगोलिक प्रभाव में है। यह रेखा विशेष रूप से शीतकालों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके दक्षिणी भाग में सूर्य की किरणें सबसे ऊँची प्राप्ति करती हैं, और यहां शीतकाल का समय होता है। इसके दक्षिणी भाग में “शीतोष्णकटिबंध” भी होता है, जिसमें सूर्य की किरणें सीधे नीचे नहीं आती हैं और परछाई नहीं बनती है।
मकर रेखा की अधिक जानकारी भूगोल और जलवायु विज्ञान में महत्वपूर्ण है, और यह सूर्य की मौसम और जलवायु पर प्रभाव डालती है। इसके बिना हम मौसम और जलवायु के परिवर्तनों को समझने में समस्याओं का सामना करते।
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  आर्कटिक वृत्त (Arctic Circle)
आर्कटिक वृत्त (Arctic Circle) एक भूगोलिक रेखा है जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। यह रेखा पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध के 66.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। आर्कटिक वृत्त को हिंदी में “आर्कटिक वृत्त” भी कहा जाता है।
आर्कटिक वृत्त का उत्तरी भाग एक ऐसा क्षेत्र है जो शीतोष्ण जलवायु का होता है। इस क्षेत्र में सूर्य की किरणें तिरछी दिशा में पड़ती हैं और यहां शीतकाल का समय होता है।
21 जून के आस-पास, जून सॉल्स्टिस (ज्यून संक्रांति) के समय, आर्कटिक वृत्त के दक्षिणी भाग में कम से कम 24 घंटों के लिए सूर्यास्त नहीं होता, और यहां पर एक दिन की अवधि बड़ती है, जब सूर्य पूरे दिन आसमान में रहता है।
विपरीत, 22 दिसंबर के आस-पास, दिसंबर सॉल्स्टिस (दिसंबर संक्रांति) के समय, आर्कटिक वृत्त के दक्षिणी भाग में सूर्यास्त नहीं होता, और यहां पर एक रात की अवधि बड़ती है, जब सूर्य पूरी रात आसमान में नहीं जाता।
आर्कटिक वृत्त क्षेत्र विशेष रूप से उष्णकटिबंध (आर्कटिक) जलवायु वाला होता है और यहां की जलवायु अत्यधिक ठंडी होती है। यहां की शीतकाल में बर्फबारी, सर्दियों में लकड़ी की कमी, और एक विशेष प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं।
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 अंटार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle)
अंटार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle) एक भूगोलिक रेखा है जो पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है। यह रेखा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध के 66.5 डिग्री दक्षिणी अक्षांश पर स्थित है। अंटार्कटिक वृत्त को हिंदी में “अंटार्कटिक वृत्त” भी कहा जाता है।
अंटार्कटिक वृत्त का दक्षिणी भाग एक ऐसा क्षेत्र है जो शीतोष्ण जलवायु का होता है। इस क्षेत्र में सूर्य की किरणें तिरछी दिशा में पड़ती हैं और यहां पर शीतकाल का समय होता है।
22 दिसंबर के आस-पास, दिसंबर सॉल्स्टिस (दिसंबर संक्रांति) के समय, अंटार्कटिक वृत्त के दक्षिणी भाग में कम से कम 24 घंटों के लिए सूर्यास्त नहीं होता, और यहां पर एक रात की अवधि बड़ती है, जब सूर्य पूरी रात आसमान में नहीं जाता।
अंटार्कटिक वृत्त क्षेत्र विशेष रूप से शीतकटिबंध (अंटार्कटिक) जलवायु वाला होता है और यहां की जलवायु अत्यधिक ठंडी होती है। यहां की शीतकाल में बर्फबारी, सर्दियों में लकड़ी की कमी, और विशेष प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं।
ध्रुव (Poles) वृत्त नहीं होते, वे एक बिंदु (Point) के रूप में होते हैं, जैसे कि उत्तरी ध्रुव (North Pole) और दक्षिणी ध्रुव (South Pole)। ये दुनिया के अक्षांशों के केंद्र में स्थित होते हैं और यहाँ पर सूर्यास्त और सूर्यास्त की कोई विशेष घटना नहीं होती, क्योंकि यहाँ पर शांतिपूर्ण जलवायु और बर्फ का आवास होता है।
अश्व अक्षांश (Horse Latitude) एक क्षेत्र है जो भूमध्य रेखा के उत्तर और दक्षिण में 30 से 35 डिग्री के बीच स्थित है। यह क्षेत्र विशेष रूप से उष्णकटिबंध (आर्कटिक और अंटार्कटिक) क्षेत्रों के बीच स्थित है और यहां पर वायु अत्यधिक शांत और स्थिर होती है।
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कर्क रेखा कितने देशों से होकर गुजरती है?

कर्क रेखा विश्व के तीन महाद्वीपों के 19 देशों से होकर गुजरती है l
कर्क रेखा उत्तरी अमेरिका के 3 देशों से होकर गुजरती है ये देश है:
संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको, बहामास
कर्क रेखा अफ्रीका के 8 देशों से होकर गुजरती है ये देश है:
पश्चिमी सहारा, मुरितानिया, माली, अल्जीरिया, नाइजर, लीबिया, चाड, मिस्र
कर्क रेखा एशिया के 8 देशों से होकर गुजरती है ये देश है:
सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, ओमान, भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, चीन, ताइवान
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कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों से होकर गुजरती है?

कर्क रेखा भारत के आठ राज्यों से होकर गुजरती है l ये आठ राज्य है: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा तथा मिजोरम (पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम) l
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मकर रेखा कितने देशों से होकर गुजरती है?

मकर रेखा तीन महाद्वीपों के 10 देशों से होकर गुजरती है l
मकर रेखा दक्षिण अमेरिका के 4 देशों से होकर गुजरती है ये देश है –
चिली, अर्जेन्टीना, पराग्वे, ब्राजील
मकर रेखा अफ्रीका महाद्वीप के 5 देशों से होकर गुजरती है –
नामीबिया, बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक, मेडागास्कर,
मकर रेखा ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के ऑस्ट्रेलिया से होकर गुजरती है l
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भूमध्य रेखा कितने देशों से होकर गुजरती है?

भूमध्य रेखा तीन महाद्वीपों के 13 देशों से होकर गुजरती है l
भूमध्य रेखा दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के 3 देशों से होकर गुजरती है ये देश है –
इक्वाडोर, कोलम्बिया एवं ब्राजील
भूमध्य रेखा अफ्रीका महाद्वीप के 6 देशों से होकर गुजरती है ये देश है –
गैबन, कांगो गणराज्य, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा, केन्या, सोमालिया
भूमध्य रेखा एशिया महाद्वीप के 4  देशों से होकर गुजरती है ये देश है –
मालदीव, इंडोनेशिया, किरिबाती, साओटोम और पिंसिप
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आर्कटिक वृत्त/आर्कटिक रेखा पर स्थित देश

आर्कटिक वृत्त  पर तीन महाद्वीपों के 9 देश  स्थित है l
आर्कटिक वृत्त में स्थित देश है: नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका (अलास्का), कनाडा, डेनमार्क (ग्रीनलैंड), और आइसलैंड आदि l
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अंटार्कटिक वृत्त पर स्थित देश 

अंटार्कटिक वृत्त पर केवल अंटार्कटिक महाद्वीप स्थित है l
माही नदी भारत की एकमात्र ऐसी नदी है जो कर्क रेखा को दो बार काटती है। माही नदी मध्य प्रदेश के धार जिले के समीप मिंडा ग्राम की विंध्याचल पर्वत श्रेणी से निकलती है। यह मध्य प्रदेश से होते हुए राजस्थान एवं गुजरात से होकर बहती है। और गुजरात में यह खम्भात की खाड़ी के द्वारा अरब सागर में गिरती है।
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कुछ महत्वपूर्ण बातें:-

कर्क रेखा को दो बार काटने वाली नदी कौन सी है?

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  • माही नदी मध्य प्रदेश में कर्क रेखा को धार जिले में काटती है। और फिर राजस्थान में जाकर कर्क रेखा को एक बार फिर से काटती है। माही नदी की कुल लम्बाई लगभग 576 किमी है।

मकर रेखा को दो बार काटने वाली नदी कौन सी है?

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  • मकर रेखा को दो बार काटने वाली नदी लिम्पोपा नदी है। लिम्पोपा नदी दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, ज़िम्बाब्वे, एवं मोजांबिक से होकर गुजरती है। यह नदी दक्षिण अफ्रीका के लिम्पोपो और बोत्सवाना के क्वाज़ुलु-नाताल प्रान्तों में मकर रेखा को काटती है।
  • लिम्पोपा नदी की कुल लम्बाई 1750 किमी है। यह नदी मरिको और क्रोकोडाइल नाम की दो नदियों के संगम होने से बनती है। लिम्पोपा नदी को घड़ियाल नदी या क्रोकोडाइल नदी भी कहते हैं। यह नदी पहले उत्तर फिर उत्तर पूर्व और फिर दक्षिण पूर्व की ओर बहते हुए मोजांबिक के गाज़ा क्षेत्र में हिन्द महासागर में मिल जाती है। यह नदी क्रूजर राष्ट्रीय पार्क की सीमा भी बनाती है।

भूमध्य रेखा को दो बार काटने वाली नदी कौन सी है?

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  • भूमध्य रेखा को दो बार काटने वाली नदी कांगो नदी है। कांगो नदी अफ्रीका महाद्वीप की एक प्रमुख नदी है। नील नदी के बाद यह अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी है।
  • कांगो नदी को जायरे नदी भी कहते हैं। इसकी कुल लंबाई लगभग 4700 किलोमीटर है। लंबाई में यह विश्व की नौवीं सबसे लंबी नदी है।
  • यह विश्व की सबसे गहरी नदी है जिसकी गहराई लगभग 220 मीटर है। कांगो नदी अटलांटिक महासागर में जाकर समाप्त हो जाती है।
  • कांगो नदी मध्य अफ्रीका की एकमात्र नदी है जो कि भूमध्य रेखा को दो बार काटती है। कांगो नदी भूमध्य रेखा को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में दो बार काटती है। पहली बार यह नदी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी भाग में काटती है। फिर यह नदी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पश्चिमी भाग में एक बार फिर से काटती है।

भूमध्य रेखा, कर्क रेखा तथा मकर रेखा तीनों किस महाद्वीप से होकर गुजरती है?

कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा क्या है?
  • भूमध्य रेखा, कर्क रेखा, एवं मकर रेखा तीनों अफ्रीका महाद्वीप से होकर गुजरती है l
  • भूमध्य रेखा अफ्रीका महाद्वीप के गैबन, कांगो गणराज्य, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा, केन्या, सोमालिया आदि देशों से होकर गुजरती है l
  • कर्क रेखा अफ्रीका महाद्वीप के पश्चिमी सहारा, मुरितानिया, माली, अल्जीरिया, नाइजर, लीबिया, चाड, मिस्र
  • आदि देशों से होकर गुजरती है l
  • मकर रेखा अफ्रीका महाद्वीप के नामीबिया, बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक, मेडागास्कर  आदि देशों से होकर गुजरती है l

ऑस्ट्रेलिया के मध्यवर्ती भाग से कौन सी अक्षांश रेखा गुजरती है?

कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा क्या है?
  • आस्ट्रलिया के मध्यवर्ती भाग से मकर रेखा गुजरती है l

भूमध्य रेखा कर्क रेखा तथा मकर रेखा तीनों किस महाद्वीप से होकर गुजरती है?

  • भूमध्य रेखा, कर्क रेखा, और मकर रेखा तीनों अफ्रीका महाद्वीप से होकर गुजरती हैं।

 

 

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