ऋषि सुनक: एक ब्रिटिश राजनेता की जीवनी

ऋषि सुनक: एक ब्रिटिश राजनेता की जीवनी

 

प्रस्तावना:
ऋषि सुनक, जिन्हें ब्रिटेन के चुनौतीपूर्ण अर्थशास्त्री और राजनेता के रूप में पहचाना जाता है, एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व है जिन्होंने अपने युवा आयु से ही समृद्धि की कड़ियों को छूने का सफर तय किया। इस जीवनी में, हम ऋषि सुनक के जीवन के विभिन्न पहलुओं को जानेंगे, जैसे कि उनका बचपन, शिक्षा, व्यवसायिक करियर, राजनीतिक यात्रा, और उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में।
बचपन और प्रारंभिक जीवन:
ऋषि सुनक  का जन्म 12 मई 1980 को साउथैम्प्टन, हैम्पशायर, इंग्लैंड में हुआ था। उनके पिता का नाम यशवीर सुनक और मां का नाम उषा सुनक है। उन्हें तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े रूप में पला गया था। उनके परिवार का मूल भारत से है, और उनके दादा-दादी पंजाब प्रांत, ब्रिटिश इंडिया से होकर पूर्वी अफ्रीका चले गए थे।
ऋषि का परिवार नौकरीवाले परिवार से था, लेकिन उनके माता-पिता ने उनकी शिक्षा को महत्वपूर्ण बनाया। उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए कठिनाइयों का सामना किया और उन्हें यशस्वी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह प्रेरणा रिषि के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मूल्यों में से एक का स्रोत बनी।

विवाह और परिवार:
ऋषि सुनक का विवाह अक्षता मूर्ति के साथ हुआ है, जो भारतीय मूल के माता-पिता के साथ ब्रिटेन में पैदा हुई थीं। रिषि और अक्षता की मुलाकात स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में हुई थी और उन्होंने 2009 में विवाह कर लिया। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटी आन्वी और एक बेटा कृष्णन।
ऋषि सुनक का परिवार एक पारंपरिक भारतीय परिवार है, लेकिन वे अपने बच्चों को दोनों संस्कृतियों और मूल्यों के साथ पालने का प्रयास कर रहे हैं।
शिक्षा:
ऋषि सुनक  का प्रारंभिक शिक्षा-जीवन बहुत ही प्रेरणास्पद था। उन्होंने न्यूकैसल के ओक्सफोर्ड वान प्राइवेट स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद, उन्होंने पूना, भारत के पुणे शहर में विश्वविद्यालय के आईएमडीआई (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट देवलाली) में एक एमबीए कोर्स किया। इसके बाद, उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में विश्वविद्यालय के वोर्सेस्टर कॉलेज, ऑक्सफोर्ड का हिस्सा बनाया और वहाँ से एक फ़िलिप्स ऑक्सफ़र्ड फेलोशिप प्राप्त किया।
इन शिक्षा संस्थानों से उन्होंने अर्थशास्त्र और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की, जिसने उन्हें उनके भविष्य के व्यवसायिक करियर की ओर बढ़ने में मदद की।
व्यवसायिक करियर:
ऋषि सुनक का व्यवसायिक करियर भी उनकी उच्च शिक्षा के बाद ही शुरू हुआ। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद गोल्डमैन सैक्स में हेज फंड मैनेजर के रूप में काम करने का अवसर पाया। वह इस समय न्यूयॉर्क में निवास कर रहे थे और उन्होंने अपने वित्तीय ज्ञान को महत्वपूर्ण अंश में विकसित किया।
बाद में, ऋषि सुनक ने एक डेटा विश्लेषण कंपनी, पेपिलियन कॉर्पोरेशन की स्थापना की। इस कंपनी में वह डेटा विश्लेषण और वित्त मॉडलिंग के क्षेत्र में काम करने का मौका प्राप्त करे, जिससे उनका व्यवसायिक करियर और भी मजबूत हुआ।
राजनीतिक यात्रा:
ऋषि सुनक की राजनीतिक यात्रा भी उनके करियर के रूप में महत्वपूर्ण है। वे ब्रिटेन के कॉन्सर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2015 में हेस्टिंग्स और रायट किंग्डम के सांसद के रूप में चुने गए। इसके बाद, उन्होंने 2019 में रिचमंड चुनाव क्षेत्र से प्रतिष्ठान प्राप्त किया, जिससे उनके राजनीतिक प्रोफ़ाइल में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ।
ऋषि सुनक का अर्थशास्त्री और वित्तीय प्रबंधन का विशेष ज्ञान है, और उन्होंने अपने वित्तीय विदेश में अपनी योगदान के लिए प्रशंसा प्राप्त की है। उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में काम करते हुए ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ऋषि सुनक की राजनीतिक यात्रा को निम्नलिखित चरणों में विभाजित किया जा सकता है:
  • प्रारंभिक वर्ष (2015-2019): सुनक ने 2015 में हेस्टिंग्स और रायट किंग्डम के सांसद के रूप में चुनाव जीता। वह जल्द ही कंजर्वेटिव पार्टी के अंदर एक उभरते हुए नेता के रूप में पहचाने जाने लगे।
  • प्रमुख भूमिकाएँ (2019-2022): 2019 में, सुनक को बोरिस जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को महामारी के प्रभाव से उबरने में मदद की।
  • प्रधानमंत्री (2022-वर्तमान): 2022 में, सुनक को बोरिस जॉनसन के बाद कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चुना गया। वह ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के प्रधानमंत्री हैं।
ऋषि सुनक की राजनीतिक यात्रा एक सफल और उल्लेखनीय रही है। उन्होंने अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करके ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऋषि सुनक ने कोविड-19 महामारी के दौरान ब्रिटेन के आर्थिक समर्थन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इनमें शामिल हैं:
  • व्यवसायों को समर्थन प्रदान करना: सुनक ने व्यवसायों को कर्ज और ऋण अनुदान प्रदान करने के लिए कई योजनाएँ शुरू कीं। उन्होंने व्यवसायों को बंद होने से रोकने के लिए भी आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान किए।
  • वेतन सबसिडी प्रदान करना: सुनक ने व्यवसायों को अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में मदद करने के लिए एक वेतन सबसिडी योजना शुरू की। इस योजना ने लाखों लोगों को अपनी नौकरी खोने से बचाया।
  • आर्थिक सुधार करने के उपाय: सुनक ने करों में कटौती और सरकारी खर्चों में कटौती करके अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए।
  • नया रोजगार योजना शुरू करना: सुनक ने एक नया रोजगार योजना शुरू की, जिसका उद्देश्य युवाओं को नौकरियों में प्रवेश करने में मदद करना था। इस योजना ने लाखों युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए।
इन उपायों ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को महामारी के प्रभाव से उबरने में मदद की। हालांकि, कुछ लोगों ने इन उपायों की आलोचना की है, यह तर्क देते हुए कि वे पर्याप्त नहीं थे या कि वे गलत लोगों को लाभान्वित कर रहे थे।
कुल मिलाकर, ऋषि सुनक ने कोविड-19 महामारी के दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया। उनके उपायों ने लाखों लोगों को अपनी नौकरी, घर, और आय बनाए रखने में मदद की।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति:
ऋषि सुनक को 2022 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के रूप में भी चुने गए थे। इस नियुक्ति के बाद, उन्होंने ब्रिटेन के सबसे प्रमुख पद को संभाला और अपने कौशल से देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
ऋषि सुनक की नियुक्ति का ब्रिटेन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। वह ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के प्रधानमंत्री थे, और उनकी नियुक्ति ने ब्रिटेन के बहुसांस्कृतिक समाज को दर्शाया। सुनक ने अपने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
  • कोविड-19 महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था को समर्थन प्रदान करना: सुनक ने महामारी के दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को समर्थन प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए, जिनमें वेतन सबसिडी योजना, व्यवसायों को समर्थन प्रदान करने के लिए योजनाएं, और आर्थिक सुधार के उपाय शामिल हैं। इन उपायों ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को महामारी के प्रभाव से उबरने में मदद की।
  • ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलगाव को लागू करना: सुनक ने ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलगाव को लागू करने के लिए कदम उठाए। उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत की और ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कदम उठाए।
  • आर्थिक सुधार करना: सुनक ने करों में कटौती और सरकारी खर्चों में कटौती करके अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था अधिक प्रतिस्पर्धी और उत्पादक बन जाए।
ऋषि सुनक की नियुक्ति और उनके प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल ने ब्रिटेन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय का गठन किया है। उन्होंने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, देश को यूरोपीय संघ से अलग करने, और ब्रिटेन को एक अधिक प्रतिस्पर्धी और उत्पादक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम किया।
व्यक्तिगत जीवन:
ऋषि सुनक एक हिन्दू धर्मानुयायी हैं और उनका व्यक्तिगत जीवन उनके धार्मिक मूल्यों और नैतिकता के प्रति समर्पित है। वह एक समर्पित परिवार के सदस्य हैं और अपने बच्चों के साथ बहुत समय बिताते हैं। उनका परिवार उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है, और वह उनके साथ खुशियों और संघर्षों के सभी पलों को साझा करते हैं।
ऋषि सुनक एक क्रिकेट प्रेमी भी हैं और वे अक्सर अपने स्थानीय क्रिकेट क्लब में खेलने का आनंद लेते हैं। उनका एक विशेष रूप से संघर्षों और मुश्किलों का सामना करने में मदद करने वाला दृढ़ विश्वास है, जिसने उन्हें उनके जीवन में उच्चारित किया है।
ऋषि सुनक एक उभरते हुए ब्रिटिश राजनेता हैं, जिन्होंने अपनी उच्च शिक्षा और व्यवसायिक करियर के साथ समृद्धि की कड़ियों को छूने का सफर तय किया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के समय ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उन्हें ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के रूप में एक उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद है। उनका योगदान और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि वे आज ब्रिटेन की राजनीतिक मंच पर एक प्रमुख व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।
ऋषि सुनक की जीवनी में हमने उनके बचपन, शिक्षा, व्यवसायिक करियर, राजनीतिक यात्रा, और उनके व्यक्तिगत जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को जाना है। वे एक प्रतिष्ठित और प्रेरणास्पद व्यक्तित्व हैं जो अपने कठिनाइयों का सामना करके समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं, और उन्हें ब्रिटेन की राजनीतिक मंच पर महत्वपूर्ण योगदान करने का श्रेय जाता है। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि संघर्षों और मुश्किलों का सामना करके हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और समृद्धि की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

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