अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय

अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय

 

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण और प्रमुख व्यक्तित्व थे। उनका जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर, मध्यप्रदेश में हुआ था। उनका पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी था, और वे भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के प्रमुख रूप से सेवा करने के लिए प्रसिद्ध थे। इसके अलावा, वे एक अद्भुत कवि और उपन्यासकार भी थे।
जीवन परिचय (Life History):
अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी शिक्षा का प्रारंभ ग्वालियर में प्राप्त की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उच्चतम शिक्षा पूरी की, और विभिन्न स्थानों पर शिक्षक के रूप में सेवा की।
उनका प्रारंभिक राजनीतिक जीवन जयपुर, राजस्थान में आया, जहां वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन सदस्य बने। उन्होंने अपने राजनीतिक पैथ में कदम रखा और भारतीय जनसंघ के सदस्य बनकर राजनीतिक दायरे में कदम बढ़ाया।
शैक्षणिक जीवन
अटल बिहारी वाजपेयी का शैक्षणिक जीवन काफी सफल रहा। उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की, जिसका नाम बाद में लक्ष्मीबाई कॉलेज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए की शिक्षा दयानंद एंग्लो वैदिक कॉलेज, कानपुर से प्राप्त की।
वाजपेयी एक मेधावी छात्र थे और उन्होंने अपनी पढ़ाई में हमेशा अच्छे अंक प्राप्त किए। उन्होंने कॉलेज में कई पुरस्कार भी जीते, जिनमें से एक पुरस्कार उन्हें उनके अर्थशास्त्र के शोध के लिए मिला था।
वाजपेयी की शिक्षा ने उन्हें एक मजबूत बुनियादी ढांचा प्रदान किया, जो उन्हें अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सफल होने में मददगार रहा। उनकी शिक्षा ने उन्हें तर्क करने, विश्लेषण करने और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता विकसित करने में मदद की।
वाजपेयी ने अपनी शिक्षा के बाद आरएसएस में शामिल हो गए और 1947 में उसके पूर्णकालिक प्रचारक बन गए। उनकी शिक्षा ने उन्हें आरएसएस में एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरने में मदद की। उन्होंने आरएसएस के विचारों को व्यापक रूप से फैलाने में मदद की और उन्होंने पार्टी के संगठन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वाजपेयी ने अपनी शिक्षा के बाद कानून की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। हालांकि, उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी नहीं की और 1942 में स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गए।
वाजपेयी की शिक्षा उनके जीवन और कार्यों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उन्हें एक सफल नेता और देशभक्त बनने में मददगार रहा।
राजनीति के क्षेत्र में उपलब्धियाँ:
  1. प्रधानमंत्री बनना (Prime Ministership): अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख के रूप में अपनी योगदान के बाद 1996 में और फिर 1998 में प्रधानमंत्री के पद को संभाला। उनका कार्यकाल एक महत्वपूर्ण समय में आया, जब भारतीय राजनीति में संकट थे, और उन्होंने देश को स्थायीता और स्थिरता की दिशा में अग्रसर किया।
  2. पोकरण न्यूक्लियर टेस्ट (Pokhran Nuclear Tests): अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के दौरान, भारत ने 1998 में पोकरण में न्यूक्लियर टेस्ट किए, जिससे भारत न्यूक्लियर देशों की कड़ियों में शामिल हो गया। यह एक महत्वपूर्ण स्थान पर खड़ा होने की ओर कदम बढ़ाने की प्रतीक्षा और ताकत का प्रतीक था।
  3. सुरक्षा परिप्रेक्ष्य (Security Context): उनके प्रधानमंत्री बनने के समय, भारत को कई सुरक्षा संकटों का सामना करना पड़ा, जैसे कि कर्गिल युद्ध। वे देश की सुरक्षा में नेतृत्व करके उन संकटों को सफलता के साथ पार किया और देश को मजबूत बनाया।
  4. आरंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान (Contributions to Education and Healthcare): उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स चलाए, जैसे कि “सर्व शिक्षा अभियान” और “प्रधानमंत्री आवास योजना”।
राजनीति के क्षेत्र में अन्य उपलब्धियाँ 
  1. दो बार राज्यसभा सदस्य और कुल 09 बार लोकसभा सदस्य रहे।
  2. ये अपने जीवनकाल में चार अलग-अलग प्रदेशों (UP, MP, गुजरात, दिल्ली) से सांसद चुने जाने वाले नेता हैं।
  3. पंo दीनदयाल की मृत्यु के बाद सन् 1968 से 1973 तक भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे।
  4. मोरारजी देसाई की सरकार में सन् 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहे। परंतु जनता पार्टी से असंतुष्ट होकर 1980 ईo में इन्होंने पार्टी छोड़ दी।
  5. इसके बाद 06 अप्रैल 1980 को इन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और भैरो सिंह शेखावत के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की।
  6. 1984 के लोकसभा चुनाव में इनकी पार्टी मात्र 02 सीटों से चुनाव हार गयी।
  7. 1989 के लोकसभा चुनाव में BJP ने जीत हासिल की।
  8. इसके बाद विपक्ष की मांग पर समय से पहले 1991 में एक बार फिर लोकसभा चुनाव हुए और इस बार फिर इनकी पार्टी ने जीत हासिल की।
  9. सन् 1993 में ये संसद में विपक्ष के नेता बने।
  10. सन् 1995 में इन्हे प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया गया।
  11. सन् 1998 में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण अटल सरकार की बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुए।
  12. सन् 2001 में अटल जी ने सर्वशिक्षा अभियान की भी शुरुवात की।
  13. सन् 2001 में इन्होंने परवेज मुशर्रफ को भारत आने का न्योता दिया। दोनों नेताओं के बीच आगरा में वार्ता हुयी। इसके बाद दोनों देशों भारत-पाकिस्तान के बीच बस सेवा भी शुरू की गयी और स्वयं अटल जी ने इस बस में सफर किया।
  14. सन् 2005 के बाद से इन्होंने स्वयं को राजनीति से पृथक कर लिया।
सम्मान और पुरस्कार (Honors and Awards):
  1. भारत रत्न (Bharat Ratna): अटल बिहारी वाजपेयी को 2015 में भारत की सर्वोच्च नागरिक सम्मान, “भारत रत्न,” से सम्मानित किया गया। उन्होंने इस पुरस्कार को प्राप्त करते समय भाषण देते समय भी अपनी कविता से अद्वितीय पहचान बनाई।
  2. पांच बार प्रधानमंत्री (Five-Time Prime Minister): अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत के प्रधानमंत्री के पद को पांच बार संभाला, जो भारतीय राजनीति में एक अद्वितीय उपलब्धि है।
  3. दीर्घायु (Longevity): वे भारतीय राजनीति में अपने लम्बे कार्यकाल के लिए प्रसिद्ध हैं, और उनका राजनीतिक जीवन करीब 6 दशकों तक चला।
मृत्यु
इनका निधन 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स में हो गया। 17 अगस्त 2018 को हिंदू रीति-रिवाज के तहत उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी। इनकी मृत्यु पर भारत सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। इनकी अस्थियों का विसर्जन हरि की पौड़ी (हरिद्वार, उत्तराखंड) के साथ-साथ भारत की अन्य प्रमुख नदियों में किया गया। इनकी समाधि राजघाट के निकट शांति वन में बनाई गयी।
अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति को अपने महत्वपूर्ण योगदान से सजीव और अनुपम बनाया। उनकी सरल और शिष्ट व्यक्तित्व ने उन्हें देशभक्ति और लोगों के दिलों में स्थान बनाया। वे एक महान नेता और कवि थे, जिनके योगदान को देश ने समर्थन और सम्मान से स्वीकार किया।

Leave a Comment